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Tuesday, March 8, 2022

Equality Poem in Hindi

 

Equality Poem in Hindi

Equality Poem in Hindi

Equality must...!!

 
समानता मात्र कहने से हासिल नहीं होती, उसे अपनाना होता है ! लड़कियों को स्वयं को कम आकने की सोच बदल कर उसे भी इंसान के  नजरिए से देखना चाहिए ! क्योंकि लड़कियाँ भी हा ...!  इंसान ही होती है... !!!                                       

Equality must......!!


ज़माने ने अब कहावतें बदल डाली,
अन्याय-असमानता की हर दिवार तोड़ डाली.!

चूल्हा जलाना और अन्याय सहना बस,
यही काम अब नहीं रहा माता-बहेनों का.!

अब ये ना सहेगी और कहेगी भी, 
अन्याय को हरगिज ना सहेगी...!

ग़लत हुआ तो लड़ेगी भी,
असमानताओं को ये तोड़ेगी ..!

लक्ष्मण की राह अब ये नहीं देखेगी....,
स्वयं ही खडग उठा लेगी !!

लक्ष्मन रेखा अपनी कू-प्रवृतीयों पर ...,
रावण को ही अब खींचनी होगी !!

"या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता।
 नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥"

Happy women's Day...🙏

सभी माता-बहनों को और उनके भाईयों को 
(जो समानता का सम्मान करते हैं😀) समर्पित .....🙏🙏


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