latest

Saturday, June 19, 2021

Mata Pita Par Poem

Mata Pita Par Poem

Mata Pita Par Poem

कैसे चूकाएँगे माता-पिता का ऋण.....???

       
        Loving parents is the first love पहला प्यार हमें अपने माता-पिता से होता है ! क्योंकि हमें दुनिया मे लानेवाले हमारे माता-पिता ही होते है! बच्चोंके रूपमे आई नई खुशियोंको वो बड़े नाजो से पालते है बच्चों की एक मुस्कान के लिए वो कई दर्द उठाने को भी तैयार रहते है! पर अक्सर बच्चे उनके प्यार और care को समझ नहीं पाते और उन्हें रुला देते है ! हमारे रोने की एक आवाज पर हमारे माता- पिता भाग आते थे पर शायद हमें उन बातोंका एहसास न होने के कारण हम उन के प्रति अपनी duty भूल जाते है ! मुझे लगता है की हमारे Parents   ने हमें पाल पोस के बडा  करते समय अगर वीडियो Recordings की होती तो आज के बच्चे ये सवाल न पूछ सकते की आपने हमारे लिए किया ही क्या है ....?????

कैसे चूकाएँगे माता-पिता का ऋण.....???

नींद मे भी  जो  हमारे लिए,
जागे-जागे रहेते थे....!

अपने सपने छोड़ हमारे,
सपने संजोते रहेते थे....!

कभी आधी रोटी खाके भी,
हमें पूरी रोटी खिलाते थे ...!

पता ना चल पाए ईसलिए ,
पेटपर अपने हाथ फेर लेते थे....!

हमारी  एक हँसी के खातिर,
कितने आँसू वो छिपाते थे....!

आज उनके आँसू हम भी,
कतई देख नही पाते है....!

परमात्मा से करते है प्रार्थना,
उनके आँसू हम पौंछ  ना सके,

तो हमें जरूर रूला देना.....!!
पर हमारे माता-पिता की आखों मे,

आँसूकी "एक बूंद" भी ना देना....!
आँसूकी "एक बूंद" भी ना देना....!

- धन्यवाद                    

No comments:

Post a Comment

Dear readers,you can write here your valuable comments, share your ideas, suggestions, Thanks.

Post Top Ad

Your Ad Spot