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शुक्रवार, 28 मई 2021

MSW- Characteristics of social work

MSW
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MSW (master of social work)

समाजकार्य की विशेषताएं :- 

Characteristics of social work 

      समाजकार्य को सामाजिक विज्ञान के साथ-साथ एक व्यवहारीक विज्ञान भी है। समाजकार्य में उन कल्याणकारी क्रियाओं का अध्ययन किया जाता है, जिनका उद्देश्य मानवतावादी दर्शन, वैज्ञानिक ज्ञान एवं प्राविधिक (technical) निपुणताओं पर आधारित है।जिससे व्यक्तियों, समूहों अथवा समुदायों को एक सुखी एवं संम्पूर्ण जीवन व्यतीत करने में सहायता प्रदान होती है। समाजकार्य में विविध शास्त्र के सहायता से खोजे गए ज्ञान के आधार पर समाज की समस्याओं का समाधान तथा सामाजिक कल्याण एवं पुनर्निर्माण करने का प्रयास किया जाता है।
समाजकार्य की कुछ महत्वपूर्ण विशेषताएं निम्नलिखित वर्णन करते हैं।
 
(1)सामाजिक कार्य निजी या सार्वजनिक क्षेत्र में किया जाने वाला राहत कार्य है
(2)सामाजिक कार्य में वैज्ञानिक ज्ञान का एक मजबूत आधार होता है
(3)कक्षा में दिए गए ज्ञान के पाठों का प्रयोग क्षेत्र कार्य में किया जाना चाहिए, यह शिक्षण की विधि और नियम ही है।
(4)समाज कार्य का लक्ष्य परेशान व्यक्तियों, समूहों और समुदायों की समस्याओं को समझकर उनका समाधान करना यही है।
(5)सामाजिक कार्य समाज के लाभ के लिए जरूरी ऐसी पौष्टिक आवश्यकताओं को प्रदान करने में मदद करता हैं।
(6)मानवीय पृष्ठभूमि समाज कार्य प्रेरणा का मूल है।
(7)सामाजिक कार्य को अपना एक विशेष दार्शनिक आधार है।
(8)सामाजिक कार्य वैज्ञानिक ज्ञान और तकनीकी कौशल पर आधारित एक पेशेवर सेवा है।
(9)सामाजिक कार्य में जैविक, सामाजिक-सांस्कृतिक और मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं के आधार पर निवारक पुनर्वास, उपचारात्मक और विकासात्मक सेवाएं प्रदान करता है।
(10)सामाजिक कार्य की विधियों, उपकरणों और तकनीकों के संयोजन से ही समाज कार्य का उद्देश्य प्राप्त किया जा सकता है।
(11)सामाजिक कार्य में, सामाजिक कार्यकर्ता मुख्य रूप से वैयक्तिक सहयोग, समूह कार्य, सामुदायिक संगठन, सामाजिक क्रिया, सामाजिक कार्य प्रशासन और समाज कार्य अनुसंधान के तरीकों का उपयोग करता है।

समाजकार्य का  तत्वज्ञान
Philosophy of Social Work:-


        समाजकार्य वह पद्धति है, जिसका लक्ष्य अन्तिम सत्य की खोज करना है। जिस खोजसे कार्य-कारण संम्बन्धों का पता लगाकर समस्या पर समाधान प्राप्त हो। समाज कार्य लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है, जिसमें मनुष्य का महत्वपूर्ण स्थान और समाज को अपने तरीके से जीने की आजादी होती है। सबकी अपनी-अपनी जिम्मेदारियां, कर्तव्य, भूमिकाएं होती हैं। जब इन भूमिकाओं में बाधाएँ उत्पन्न होती हैं, तब भूमिकाएँ ठीक से नहीं होती हैं। समाज कार्य इन बाधाओं को दूर करने और सभी के लिए अपने अधिकारों का प्रयोग करने के लिए एक अनुकूल वातावरण बनाने का काम करता है।
        सामाजिक कार्य की जडे वैज्ञानिक मानवतावाद पर आधारित है। समाज कार्य कुछ निश्चित मूल्यों पर आधारित होता है। समाज कार्य किसी की प्रतिष्ठा में आवश्यक योग्यता और विश्वास पर आधारित है। हर मनुष्य सम्मान के योग्य होता है एसा समाजकार्य कहता है। उनकी योग्यता और गरिमा मानव स्वभाव से सुशोभित होती हैं। सामाजिक कार्यों में अनुभुती महत्वपूर्ण है। जरूरतमंदों की जरूरत पर काम किया जाता है। कथित आवश्यकता सामाजिक कार्य की नींव है। समाज कार्य जरूरतमंदों के अधिकारों की रक्षा करता है।

(1) पिडीत व्यक्ति को कलंकित नहीं माना जाता।
(2) परिस्थितियाँ कई समस्याओं का कारण बनती हैं, और व्यक्ति के नियंत्रण से बाहर होती हैं।
(3) हर समस्या का हल होता है। व्यक्ति को आवश्यकता हो वैसी परिस्थितियां बनाई जा सकती है और मदद की जाती है।
(4) सामाजिक कार्य का मार्ग अनिर्वाय रूप से भागीदारी का मार्ग है।
(5) किसी व्यक्ति की मदद करने के लिए, व्यक्ति को समग्र रूप से अध्ययन करने की आवश्यकता होती है।
(6) सहायता करते समय व्यक्तियों, समूहों और समुदायों की आवश्यकताओं पर एक साथ विचार किया जाता है। उनके परस्पर निर्भरता और अंतर्संबंधों के बारे में सोचते हैं।
(7) समाजकार्य में सहसंबंधोंको अत्यंत महत्व है।
(8) समाजकार्य मे मदद के लिए स्थानीय और आंतरिक उपकरणों का उपयोग करना महत्वपूर्ण होता है।  
(9)जरूरतमंद और परेशान लोगों का समाज में पुनर्वास करना बहुत जरूरी होता है।

       समाज कार्य के ये तत्वज्ञान कार्यकर्ता के काम और विचारों के साथ-साथ द्रृष्टिकोन और व्यवहार को मार्गदर्शन करते हैं। क्या सही है, आदर्श क्या है ईस बारे में बताते है।  सामाजिक स्थिति सिद्धांतों के अनुप्रयोग की प्रकृति को निर्धारित करती है।

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