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बुधवार, 31 मार्च 2021

No Suicide, आत्महत्या अब नहीं ...।

 

No Suicide, आत्महत्या अब नहीं ...।
No Suicide....now!

No Suicide, आत्महत्या अब नहीं .....।

    सहेली का फोन आया की मेरे  relatives  ने Suicide किया पीछे माँ , पत्नी , बच्चे  को रोते हुए छोड़  के चले गए , क्योंकि कोरोना काल मे  उनका आर्थिक साधन रुक  गया था और अब कर्ज भी  हो गया था ! 

खुद भी जिओ , औरों को‌ भी मरने न दो ,

हर समस्या मे ही उसका, हल छिपा होता है !

थोड़ा समय रुक जाओ,  मरने से पहेले..., 

अपनोसे बेशर्म होके, बस कुछ-कुछ बतियालों!

मित्रों.. , जीवन मे  ऐसी कोई समस्या नहीं होती जिसका हल नहीं होता है... !!!! 

     दोस्तों , जब ऐसा लगे की कोई मुजे नहीं समज रहा , मैरी परेशानी बहोत बड़ी है, इस मुसीबत का तो कोई हल ही नहीं है , मैं  जी के क्या करूंगा ,  मुज पर मैरे परिवार पर बहुत सारा  कर्ज है ,वो मुजे परेशान करता है, कोई सताता  है, मै बच्चों को  पेट भर नहीं खिला सकता , उन्हे पढ़ा  नहीं सकता,  बिटिया की शादी, बेटे की नौकरी,  ऐसी और भी कई  परेशानीया  जिन्हे हम लिख भी नहीं  सके दोस्तों ..  ऐसी कोई भी समस्याए पहेले हमारे दिमाग मे  हलचल मचाती है , तब अगर कोई तुरंत हल न मिले या , बहुत कोशिश  होन के बाद भी हमे कोई हल न मीले तो भी हमे   patience (धैर्य) नहीं खोना चाहीए , न ही Suicide  का सोचना चाहिए ....!! 

   एकबार ये जरूर सोचना चाहिए की , 

क्या मैरे सूइसाइड के बाद समस्या खत्म होगी ...???

या सिर्फ मैरे दिमाग से खत्म होगी ..??? 

तो क्या करना चाहिए ??????

जब कभी ऐसे negetive  खयाल दिमाग मे आए तो ऐसा भी सोचना चाहिए की,

(1) बचपन से लेके आज तक  क्या कोई  परेशानी नहीं हुई मुजे ..?????

जो आज मे डर रहा हु , धैर्य  खो रहा हु, जीवन से हार मान रहा हु , अपनों को रुलाने की सोच रहा हु , क्या आज तक जीवन मे  कोई परेशानी नहीं आई  मुजे .. ??? ये कुछ सवाल तब कर लेना अपनेआप से... ! 

(2) मैरे suicide करने से  मेरे बच्चे , पत्नी , मां , दोस्तों  की समस्या नहीं बढ़ेगी ..??? तो बेहतर है मे उनमे से  किसी से बात ही कर लू .. ! 

 जब हम अपनी समस्या का हल न निकाल सके तो बस हमे अपनों से कह देना है , फिर वह अपना दोस्त हो  सकता है , परिवार वाले  हो , रिश्तेदार हो , दूर का हो ,या नजदीक का हो , हमारे टीचर, गुरुजी कोई भी  हो  सकता  है ।  

3) क्या डॉक्टर के पास दवाईया होगी ...??? ताकि  इस  दिमागी कशमकश से  बाहर आ  सकु... !!!

 यकीनन दोस्तों, डॉक्टर के पास उन नेगटिव विचारोसे  बाहर आने की , निराशा  से निकलने की दवाई होती है , क्योंकि जब  ऐसे खयाल आते है तब दिमाग घायल हुआ होता है, उसे दवाईया  Relax   कर सकती है ... ! मानसिक स्वास्थ्य नुसार दवाई देने से भी हमारा अनमोल जीवन जिस पर अपनों का  भी हक होता है वह बच जाएगा... !! 

(4) मे मर जाऊँ , क्योंकि मेरी समस्या बहुत बड़ी है... ?? तो एक बार उठ के देख आना की मुजसे भी  कोई बड़ी परेशानी है किसी को  ... ???

दोस्तों बहोत मिलेंगे ..., तो उनकी समस्या हल करने लग जाना कुछ  पल ही सही , क्योंकि आप तो मरने की..., अपने शरीर को खत्म करने की सोच रहे थे न तो ..., समज लेना कुछ पल हम अपने लिए जी ही नहीं रहे , जिन्हे हमसे भी बड़ी परेशानी है , उनके लिए जी के देखते है...!!!  अपनी परेशानी थोड़ी छोटी लगने लगेगी और फिर उसका हल हम ही ढूंढ निकाल लेंगे ,  दोस्तों ... किसी की जरूरत भी नहीं पड़ेगी !!

6) क्या मेरा  सच मे  कोई नहीं , फिर ऐसा क्यों सुना  है की जिसका कोई  नहीं होता, उसका तो खुदा होता है, यारों  ...!!! 

   जी हाँ  दोस्तों...,  जब लगे की मेरा  कोई नहीं और मैरी समस्या बड़ी बड़ी है, तब सबसे बड़ी दर उस भगवान ,उस खुदा  के दर पे जाना , मंदिर , मस्जिद, गुरुद्वारा  जिस भी रब को मानते हो उसके  दर जाना, आत्महत्या पर Solution  मिल जाएगा ...!! अंध विश्वास नहीं , !! Scientific  कारण बताते है  की, जब हम अपने इष्ट के दर पर जाते है भले हम सालों बाद जाते हो भले बचपन  मे  गए हो..., या इतने व्यस्त हो जीवन मे की , कभी गए ही न हो ...! पर वो आत्म शक्ति जिसे हर धर्म मे अलग अलग रूप मे माना  गया है उसके शिवालय, मंदिर , मस्जिद मे  वह Positive  ways  बहती होती  है , कि  जिसकी वजह से हमारे Negative   खयाल धीरे धीरे रुक जाते है ... !!जब किसी अपनोसे भी हम अपना दर्द नहीं बाट सके तो मित्रों वो , है जो सब की सुनता है और जब दर्द बाट  दिया तो दिमाग से नेगटिव केमिकलस रिलीज होना बंद होते  है और Positive  खयाल ,जीवन के समस्या - समाधान के खयाल धीरे धीरे आने शुरू होते है । जीवन को  जीने की एक किरण महसूस होती है ! इसलिए कहते आए है की सुख मे  नहीं तो कमसेकम दूख मे तो उस आत्म  शक्ति को जरूर याद करे , आत्म हत्या करने की जरूरत नहीं बचेगी ...!!

       दोस्तों , समस्याए जब हमारे दिमाग में चलती है , तब उसका समाधान हम वहीं से चाहते हैं पर तनाव की वजह से दिमाग में निगेटिव केमिकल बहते हैं इसलिए कुछ देर उन ख्यालों से दूर रहना ही जरूरी होता है । कुछ देर बाद निगेटिव थोट्स रूक जाते हैं ..., और हम एक एक गुत्थी  को सूलझाकर अपनी समस्या से बाहर आ सकते है....!!!

       जब बहोत सारी समस्याएं, या पेचिदा परेशानीया आए तो उनसे  निकलने के लिए उतना ही हौसला रखें, तो जीवन को निखार सकते हैं और अपनों को रूलाने से बच सकते है...!!

 जिनके साथ ,या जिनके किसी अपने ने वैसा कदम उठाया, जो निगेटिव थोट्स में बहेकर अपने बेशकीमती जीवन को गवां  चूके हैं , उनके अपनों से हम यही कहेंगे की...,   ‌‌

जीवन खत्म , पर समस्या ए नहीं ... !!   

जीवन से बड़ी , यहा  समस्याए  नहीं दोस्त ...!!!

उठो, चलो, पर्वत सा होंसला देगा वो ,

वो  तूम्हारा खुदा, वो  तुम्हारा भगवान 

सभी अपने है यहा , सदा  संग तुम्हारे, 

खुबसूरत जीवन को,  बस स्वीकारो तुम .. !!!!


कोरोना काल में मित्रों , बहोत लोगों को अनपेक्षित समस्याए हो रही है, पर इसका मतलब ये नहीं की हम इनमे से बाहर नहीं आ सकते ... !!हर समस्या के साथ समाधान होता है ... !!! राजनीति अपनी जगह , हमारे वोटों से  चुनी हुई सरकार अपनी जगह , अपना काम कर रही है ,  हमे अपने अपने स्तर पर सहयोग कर पूरे देश की समस्या को हल करने का सोचना चाहिए ... , न कोई नकरात्मकता सोचनी और फैलानी चाहिए... !! 

- धन्यवाद दोस्तों , भगवान सभी को खुश रखे ... !!!

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